चरम पर पहुंची बेरोजगारी, NCRB की रिपोर्ट ने खोली सरकार की पोल

10 Mar 2018

बेरोजगार सेना प्रमुख अक्षय हुंका ने प्रेस कांफ्रेंस में खोली सरकार की पोल

भोपाल। बेरोजगारी पर शनिवार को ‘बेरोजगारी के संबंध में एक बड़ा खुलासा’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम भोपाल पॉलिटेक्निक चौराहा के अप्सरा रेस्टोरेंट में किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने बेरोजगारी के संबंध में आंकड़े प्रस्तुत किए। उनका कहना है था कि इन आंकड़ों से जनता अनभिज्ञ है और यह आंकड़े मध्यप्रदेश में बेरोजगारी की वीभत्स स्थिति बताते हैं। प्रेसवार्ता के दौरान बेरोजगार युवाओं ने कहा कि “आत्महत्या” शब्द इंसान को अंदर तक झकझोर देता है यदि किसी युवा ने आत्महत्या कि हो और उसकी सारी जिंदगी बची हो तो ये बात सुनकर इंसान कांप उठता है।

मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार के शासनकाल में बेरोजगारी चरम पर पहुंच चुकी है, पर किसी को नहीं पता कि यह बेरोजगारी अब जानलेवा हो गयी है। NCRB (National Crime Records Bureau) द्वारा प्रतिवर्ष ADSI (Accidental Deaths & Suicides in India) रिपोर्ट प्रकाशित की जाती है जिसमें बेरोजगारी के कारण कितने लोगों ने आत्महत्या की इसकी जानकारी भी दी जाती है। ADSI की रिपोर्ट के आंकड़े बेहद गंभीर हैं।

जनता के सामने रखा ये आंकड़े

(1) मध्यप्रदेश में हर दिन 2 युवा बेरोजगारी के कारण आत्महत्या कर रहे हैं।
(2) शिवराज सरकार में बेरोजगारी की कारण आत्महत्या 20 गुना (2000%) बढ़ी। वर्ष 2005 में 29 युवाओं ने बेरोजगारी के कारण आत्महत्या की थी जबकि 2015 में 579 युवाओं ने।
(3) प्रदेश की राजधानी भोपाल में हर दूसरे दिन एक युवा बेरोजगारी के कारण आत्महत्या करता है।
(4) पूरे देश में बेरोजगारी के कारण सबसे ज्यादा आत्महत्याएं मध्यप्रदेश में होती हैं।
(5) बेरोजगारी के कारण हर वर्ष आत्महत्या करने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
(6) 2005 में 43 किसान आत्महत्या करते थे तो 1 बेरोजगार युवा आत्महत्या करता था। आज हर दूसरे किसान के साथ 1 युवा बेरोजगारी के कारण आत्महत्या कर रहा है।

 

ये है बेरोजगार सेना की मांग

वर्ष 2015 के बाद से ADSI की रिपोर्ट जारी नहीं की जा रही हैं। अभी तक 2016 एवं 2017 की रिपोर्ट भी जारी कर दी जानी चाहिए थी। वर्त्तमान स्थिति कई गुना भयावह है। जब तक “शिक्षित युव? रोजगार र गारंटी कानून” नहीं बन जाता तब तक इन स्थितियों में परिवर्तन नहीं आ सकता है।
(a) जल्द से जल्द शिक्षित युवा रोजगार गारंटी कानून बनाये।
(b) जिन भी युवाओं ने बेरोजगारी के कारण आत्महत्या की है उनके परिवार को 1-1 करोड़ रूपये का मुआवजा दिया जाए।
(c) सरकार 2016 एवं 2017 के आत्महत्या के प्रकरणों को सार्वजानिक करे।
(d) शिवराज सरकार के कार्यकाल में युवाओं द्वारा बेरोजगारी के कारण की गयी आत्महत्याओं पर सरकार श्वेत पात्र जारी करे।

कार्यक्रम में ये हुए शामिल
बेरोजगार सेना के कोर कमिटी सदस्य विक्रांत राय, अशोक शर्मा, राज प्रकाश मिश्रा, सत्य प्रकाश त्रिपाठी, मिर्ज़ा कदीर बेग, दिनेश मेघानी, मोहम्मद शमीम, आबिद हुसैन, प्रदीप नापित और संजय मिश्रा शामिल थे।


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