13 साल में 6 गुना बढ़ गया मध्यप्रदेश सरकार पर कर्ज

तेरह साल पहले जब प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी थी, तब मध्यप्रदेश सरकार पर 23 हजार करोड़ का कर्जा था, लेकिन इन त् ा े र ह सालों में कर्जे की राशि 6 गुना से अधिक बढ़ गई है। फिर भी सरकार कुछ नई बैंकों और संस्थानों से कर्ज लेने की तैयारी में जुटी हुई है। वर्ष 2002-03 के दौरान सरकार पर 23 हजार करोड़ से अधिक का कर्ज था। इसके बाद बनी भाजपा सरकार ने भी विकास कार्यों के नाम पर धड़ाधड़ कर्ज लिया। वर्तमान में मप्र की जीडीपी साढे 7 लाख करोड़ तक पहुंच गई है। आरबीआई के मापदंडों के हिसाब से लगभग 26 हजार करोड़ का कर्ज हर वर्ष लेने की पात्रता मप्र सरकार को बनती है, लेकिन बाजार से सीधे लिया जाने वाला कर्ज कम वर्षों के लिए होता है, जबकि एडीबी, नाबार्ड तथा वर्ल्ड बैंक से लिए जाने वाला कर्ज 15 से 20 साल में चुकाया जाता स्पेशल है। इसे सरकार अपने बजट में शामिल नहीं करती, बल्कि उसके आंकडे भी उजागर नहीं करती। वित्त मंत्री जयंत मलैया ने मप्र सरकार पर एक लाख 11 हजार करोड़ का कर्ज 31 मार्च 2016 की स्थिति में बताया था।

इन योजनाओं के लिए मांगा कर्जा

इसके अलावा सरकार ने सड़क, पुल, कृषि, ग्रामीण पेयजल आदि योजनाओं के लिए भी वर्ल्ड बैंक, न्यू डेवलपमेंट बैंक और आईएफडी आदि संस्थाओं से कर्ज मांगा है।

कैग ने मार्च 2016 में ही बताया था एक लाख 67 हजार करोड़ से ज्यादा का कर्ज

यदि बाजार से उठाए गए 21500 करोड़ सहित हम नाबार्ड से पिछले साल लिए गए 2000 करोड़, एडीबी से लिए गए 3500 करोड़, वर्ल्ड बैंक से लिए गए 3 500 करोड़ व अन्य वित्तीय संस्थाओं से लिए गए कर्ज की राशि को भी शामिल कर लें, तो यह राशि डेढ़ लाख करोड़ से अधिक पहुंच जाएगी। गौरतलब है कि इसमें एडीबी से प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़कों के लिए ली गई 2400 करोड़ रुपए की राशि शामिल नहीं हैं। हालांकि सीएजी ने अपनी रिपोर्ट में ही 31 मार्च 2016 की स्थिति में मप्र सरकार पर कर्ज की राशि एक लाख 67 हजार करोड़ से अधिक बताई है। यह भी उल्लेखनीय है कि हाल ही में सरकार ने 53 सड़कों के लिए न्यू डेवलपमेंट बैंक से भी लगभग ढाई हजार करोड़ रुपए का कर्ज लेने के लिए कैबिनेट से मंजूरी दी है।

दिग्विजय ने कसा तंज

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने पिछले दिनों ट्वीट किया था कि भाजपा सरकार में 13 साल के भीतर 6 गुना कर्ज बढ़ गया है। दिग्विजय ने अपने पहले ट्वीट में लिखा कि वर्ष 2003 में मप्र पर 23 हजार करोड़ का कर्ज था, अब 1.50 लाख करोड़ का कर्ज हो गया। जबकि, दूसरे ट्वीट में कहा गया था कि मप्र की जनता भाजपा सरकार से हिसाब जानना चाहती है कि 1.25 लाख करोड़ में कौन सा विकास हुआ है।


Reference:- https://m.dailyhunt.in/news/india/hindi/peoples+samachar-epaper-peoples/13+sal+me+6+guna+badh+gaya+madhyapradesh+sarakar+par+karj-newsid-66843758

Image Courtesy:- https://naidunia.jagran.com/madhya-pradesh/bhopal-madhya-pradesh-governments-loan-of-rs-88-thousand-crore-1752759

 

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