राज्य बीमारी सहायता निधि में ही कर दिया घोटाला, जांच में हुआ खुलासा

 Publish: Jul, 26 2017 02:40:00 PM (IST)                                                      Balaghat, Madhya Pradesh, India

बालाघाट. राज्य बीमारी सहायता निधि के नाम पर ही करोड़ों रुपए का घोटाला उजागर हुआ है। गरीबों को बेहतर उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए शासन द्वारा यह योजना चलाई जा रही है। इस योजना में गोलमाल होने का खुलासा जांच रिपोर्ट में हुआ है। इस मामले की जांच कर रहे जिला चिकित्सालय के सिविल सर्जन डॉ. एके जैन ने कलेक्टर को जांच रिपोर्ट सौंप दी है। 

158 प्रकरणों का मामला
जानकारी के अनुसार राज्य बीमारी सहायता निधि के मामले में करीब दो करोड़ रुपए का घोटाला उजागर हुआ है। करीब 158 प्रकरणों में लगभग दो करोड़ रुपए का गोलमाल हुआ है। इस मामले में तत्कालीन कलेक्टर भरत यादव ने जांच के निर्देश दिए थे। प्रकरण की जांच किए जाने के लिए  सिविल सर्जन एके जैन को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया था। जिन्होंने अपनी जांच पूरी कर कलेक्टर को सौंप दी है। हालांकि, अभी प्रकरण से जुड़ी जांच और की जा रही है। इस तरह से शासन की इस योजना के नाम पर घोटाला किया गया है। विदित हो कि राज्य बीमारी सहायता निधि में आवेदन मिलने पर एक सप्ताह के भीतर प्रकरण को पास कर दिया जाता है। हालांकि, प्रकरण को पास करने के पूर्व पूरे दस्तावेजों की जांच भी की जाती है। वहीं संबंधित अस्पताल द्वारा भी उपचार करने के बाद पूरे दस्तावेज मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को भेजे जाते हैं। इसी के बाद ही राशि जारी की जाती है।
संबंधित अस्पतालों से बनाया अधिक का बिल
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार राज्य बीमारी सहायता के माध्यम से गरीबों को निशुल्क उपचार कराने के लिए प्रदेश सरकार ने अस्पतालों को चिन्हित किया है।  इन्हीं चिन्हित अस्पतालों में जिले से राज्य बीमार सहायता निधि के प्रकरण भिजवाए जाते थे। लेकिन सीएचएमओ कार्यालय में पदस्थ इस विभाग के कर्मचारी द्वारा संबंधित अस्पताल से आपसी सांठ-गांठ कर अधिक का बिल बना लिया जाता था। भले ही उपचार में कम राशि खर्च हुई हो। बाद में उक्त राशि का आहरण कर लिया जाता था। इस तरह से इस मामले में करोड़ों रुपए का घोटाला किया गया है।
चिन्हित अस्पतालों की भी होगी जांच
इस मामले में अब उन सभी चिन्हित अस्पतालों की भी जांच होगी। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उनके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी से लेकर चिन्हित अस्पतालों के डॉक्टर और स्टाफ भी शामिल है।
पूर्व विधायक समरिते ने की थी शिकायत
इस मामले में पूर्व विधायक किशोर समरिते ने दो माह पूर्व शिकायत की थी। जिसके आधार पर तत्कालीन कलेक्टर भरत यादव ने मामले की जांच के आदेश दिए थे। पूर्व विधायक किशोर समरिते के अनुसार पिछले करीब तीन-चार वर्षों में राज्य बीमारी सहायता निधि में गोलमाल किया जा रहा था। जिसकी जांच किए जाने के लिए शिकायत की थी। शिकायत में करोड़ों रुपए का घोटाला उजागर हुआ है। इस मामले में अभी और भी लोगों के नाम सामने आएंगे।
जांच रिपोर्ट सौंप दी
राज्य बीमारी सहायता निधि की जांच के लिए कलेक्टर द्वारा अधिकृत किया गया था। जिसकी जांच की गई है। जांच की प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार कर कलेक्टर को सौंप दी गई है। हालांकि, मामले की अभी और भी जांच की जा रही है।
-डॉ.एके जैन, जांच अधिकारी व सीएस
जांच रिपोर्ट नहीं आई
इस मामले की जांच रिपोर्ट नहीं आई है। रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-डीवी सिंह, कलेक्टर, बालाघाट


Reference: https://www.patrika.com/balaghat-news/balaghat-scam-in-state-aid-help-fund-1632051/

Image Courtesy: Same as above

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