मेधावी छात्र योजना में 2015-16 के छात्रों को नहीं किया शामिल

राज्य सरकार ने मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए नियम तय कर दिए। इसमें वर्ष 2015 व 16 के छात्रों…

Bhaskar News Network| Last Modified – Jul 22, 2017, 03:00 AM IST

मेधावी छात्र योजना में 2015-16 के छात्रों को नहीं किया शामिल
राज्य सरकार ने मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए नियम तय कर दिए। इसमें वर्ष 2015 व 16 के छात्रों को शामिल नहीं किया है, जिसे लेकर छात्र अब विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि इसके लिए नीट जैसी कठिन प्रतियोगी परीक्षा में बैठते हैं और बमुश्किल एक फीसदी छात्र ही इसमें पहले प्रयास में सफल हो पाते हैं।

एमबीबीएस में प्रवेश के लिए मेधावी छात्र योजना का लाभ 2017 में 12वीं पास छात्रों को ही दिया जा रहा है, जिसका छात्रों ने विरोध शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि पहले ही साल में 12वीं पास कर बहुत कम छात्र नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षा निकाल पाते हैं, इसलिए नियमों में शिथिलता करते हुए वर्ष 2015 से इसका लाभ दिया जाए। इसे लेकर छात्र सीएम और चिकित्सा शिक्षा विभाग को पत्र भी लिख चुके हैं।

इस योजना के तहत सरकारी व निजी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस में प्रवेश लेने वाले छात्रों की फीस राज्य सरकार भरेगी। इसके लिए कुछ शर्तें तय की गई हैं। इन्हीं में एक शर्त यह भी है कि छात्र ने 12वीं कक्षा वर्ष 2017 में उत्तीर्ण की हो। दरअसल, इसी साल से प्रदेश सरकार ने यह योजना किसी भी व्यावसायिक पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने वाले मेधावी छात्रों के लिए लागू की है। हालांकि डॉक्टरी की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए बैंक गारंटी की राशि बढ़ा दी गई है। यह राशि 5 और 25 लाख की गई है। एमबीबीएस व पीजी दोनों ही छात्रों को गांवों में एक-एक साल की सेवा के एवज में 10-10 लाख की बैंक गारंटी का बांड भरना होता है।


Reference: https://www.bhaskar.com/mp/indore/news/MP-IND-HMU-MAT-latest-indore-news-030005-3037415-NOR.html

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