मेधावी छात्रों की योजना, दो साल में एक भी नहीं आए शर्तें ऐसी कि एक साथ 5 आवेदन करें तो मिलेगा लाभ

प्रदेश में मेधावी दिव्यांग छात्रों को सशक्त बनाने और उनके कॅरियर की तैयारी के लिए चलाई जा रही योजनाओं का लाभ…

Last Modified – Jul 20, 2018, 09:45 AM IST

मेधावी छात्रों की योजना, दो साल में एक भी नहीं आए शर्तें ऐसी कि एक साथ 5 आवेदन करें तो मिलेगा लाभ
प्रदेश में मेधावी दिव्यांग छात्रों को सशक्त बनाने और उनके कॅरियर की तैयारी के लिए चलाई जा रही योजनाओं का लाभ उन्हें पूरी तरह से नहीं मिल रहा है। समाज कल्याण की तरफ से क्षितिज- अपार संभावनाएं योजना में स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा और सिविल सर्विसेज परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों को प्रोत्साहन राशि के साथ आवास की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। लेकिन इसका फायदा अधिकतर दिव्यांगों को नहीं मिल पाता है, क्योंकि सबसे बड़ी खामी इसमें उच्च शिक्षा की योजना में मिली। इसका फायदा लेने के लिए एक छात्र को नहीं बल्कि 5 छात्रों के समूह को ही आवेदन करने की अनिवार्यता रखी गई है। इस कारण भी कई जरूरतमंद और मेधावी छात्र इससे वंचित है।

शासन की तरफ से समाज कल्याण विभाग दिव्यांगों के लिए क्षितिज -अपार संभावनाएं योजना चला रहा है। इसमें हाई स्कूल और हायर सेंकेंडरी स्कूल की पढ़ाई करने वाले मेधावी छात्रों को अलग-अलग छात्रवृत्ति दी जाती है। इसी तरह उच्च शिक्षा की पढ़ाई करने वाले मेरिट छात्रों के लिए उनके निवास से दूर किसी भी कस्बे के साथ देश के अन्य शहरों में आवास के लिए फंड दिया जाता है। इसके साथ ही सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना भी है। इस योजना में सिविल सर्विसेज की प्रारंभिक परीक्षा में चयनित मेधावी दिव्यांग छात्र को एकमुश्त राशि आगे की तैयारी के लिए दी जाती है। उच्च शिक्षा की पढ़ाई के लिए योजना में इनको राज्य के अंदर और बाहरी राज्यों के शहरों में किराए के मकान देने का प्रावधान है। इसमें देश के शहरों को ए प्लस, बी प्लस और सी प्लस में बांटा गया है। सिटी कैटेगरी के अनुसार ही स्टूडेंट को मकान किराया पर दिया जाना है। पड़ताल में सामने आया कि नियम और शर्ते ऐसे होने के कारण ही दो साल के दौरान इस योजना में एक भी आवेदन नहीं आए है। इसे लेकर दिव्यांग छात्रों का कहना है कि नियम ऐसे दिए गए हैं कि लाभ नहीं मिल रहा है। उनको इसकी जानकारी नहीं है।

स्कूल, हायर और सिविल सर्विसेज परीक्षा के लिए राज्य और देश के अन्य शहर में छात्रों को आवास की सुविधा

दिव्यांग से ही करना है संबोधन

पीएम नरेन्द्र मोदी ने 27 दिसबंर 2015 को मन की बात में विकलांगों को दिव्यांग शब्द से संबोधित करने को कहा। उन्होंने कहा था कि विकलांग बोलने से इनका मनोबल कम होता है। लेकिन प्रदेश में इस योजना के दस्तावेजों में अभी भी दिव्यांग की जगह पुराना ही संबोधन है।

सवाल यह कि दूसरे छात्रों को कहां से लेकर आएं

हायर एजुकेशन के लिए दूसरे राज्य में पढ़ाई करने वाले छात्रों को स्कॉलरशिप के लिए पांच छात्रों की अनिवार्यता है। दो साल से योजना कागजों में ही चल रही है। जानकारी के अनुसार इस योजना में पूरे प्रदेश से पिछले दो साल के दौरान एक भी आवेदन नहीं मिले है। सवाल यह उठता है कि अब एक छात्र अन्य 4 दिव्यांग स्टूडेंट कहां से लेकर आए। इसके अलावा अधिकतर को इस योजना के बारे में पता ही नहीं है।

यूपीएससी में 50 हजार

सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहे छात्रों को संघ लोक सेवा आयोग या छत्तीसगढ़ पीएससी प्री एग्जाम क्वालिफाई करने पर 20 हजार, मुख्य परीक्षा पास करने वाले 30 हजार और चयनित होने पर 50 हजार रुपए का स्कॉलरशिप दी जाती है।

इस साल 116 आवेदन आए

10वीं में मेरिट छात्रों को 2 हजार और 12वीं के छात्र को 5 हजार रुपए सालाना दिया जाता है। हायर एजुकेशन में बीए, बीएससी करने वाले स्टूडेंट्स को 6 हजार और टेक्निकल एजुकेशन वाले स्टूडेंट्स को 12 हजार रुपए देते हैं। पिछले साल आवेदन ही नहीं आए थे, लेकिन इस साल विभाग ने सभी कॉलेजों को इसका प्रचार-प्रसार करने को कहा। इस साल 116 आवेदन मिले है, जिसमें दो छात्र को दिल्ली और एक चित्रकूट पढ़ने गए हैं। बाकी 113 छात्र रायपुर में ही पढ़ रहे है।

मांग आने पर संशोधन

इस योजना में विभाग की तरफ से एेसे छात्रों तक पहुंचा जा रहा है। हायर एजुकेशन में आवास याेजना के लिए छात्रों को पांच लोगों का ग्रुप बनाने में दिक्कत हो रही है तो उस पर मांग आने पर संशोधन किया जाएगा। संजय अलंग, संचालक समाज कल्याण

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *