कैसे दूर हो कुपोषण, नहीं मिल रहा पोषण आहार

 Publish: May, 04 2018 01:55:28 PM (IST)                                                             Neemuch, Madhya Pradesh, India

-५ सप्ताह से नहीं मिला बच्चों को पोषण आहार
-जैसे तैसे निकला अप्रैल माह, मई में खाली आंगनवाडिय़ां

नीमच. पिछले एक माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी आंगनवाडिय़ों में पोषण आहार नहीं पहुंचा है। ऐसे में गर्भवती महिलाओं से लेकर धात्रियों व बच्चों को आंगनवाडिय़ों से बिना पोषण आहार लिए ही लौटना पड़ रहा है। यह हाल एक दो नहीं बल्कि जिलेभर की सभी आंगनवाडिय़ों के हैं। क्योंकि मार्च माह में आए पोषण आहार की बचत में से जैसे तैसे कुछ वितरण अप्रैल माह में कर दिया, लेकिन मई प्रारंभ होने के बावजूद भी पोषण आहार आने के पते नहीं है। ऐसे में कैसे कुपोषण से दूर रहा जा सकता है चिंता का विषय का है, लेकिन जिम्मेदारों का इस ओर बिल्कुल ध्यान नहीं है।
बतादें की आंगनवाडिय़ों के माध्यम से ६ माह से ३ साल तक के बच्चों को हलवा, बाल आहार व खिचड़ी के पैकेट दिए जाते हैं। वहीं गर्भवती महिलाओं और धात्रियों को आंगनवाड़ी केंद्र के माध्यम से खिचड़ी, आटा बेसन लड्ढू, गेहूं सोया बर्फी के पैकेट दिए जाते हैं। वहीं किशोरी बालिकाओं को गेहूं सोयाबर्फी व खिचड़ी के पैकेट सप्ताह में निर्धारित वार पर प्रदान किए जाते हैं। ताकि सभी को पोषण आहार मिले और वे स्वस्थ्य रहें। ताकि देश को कुपोषण मुक्त किया जा सके। इस योजना के तहत हर माह ७ से १० तारीख के बीच पोषण आहार सभी आंगनवाडिय़ों पर पहुंच जाता है। लेकिन अप्रैल माह से डगमगाई व्यवस्था के कारण अभी तक पोषण आहार के पते नहीं है।
नहीं बचा एक भी पैकेट पोषण आहार का
पोषण आहर की स्थिति जानने जब पड़ताल की तो पता चला कि अप्रैल माह से जिले की एक भी आंगनवाड़ी केंद्र पर पोषण आहार नहीं पहुंचा है। ऐसे में अधिकतर आंगनवाडिय़ों में पिछले पांच सप्ताह से पोषण आहार वितरण नहीं हो रहा है। हालांकि कुछ आंगनवाडिय़ों में मार्च में आए लाट से कुछ पोषण आहार बचा था, उसे अप्रैल में वितरित किया गया, लेकिन अब मई में सभी आंगनवाडिय़ां पूर्ण रूप से पोषण आहार से खाली हो चुकी है।
वैसे तो जिले में करीब १११२ आंगनवाड़ी केंद्र हैं। जहां पर ६ माह से लेकर ६ वर्ष तक के करीब ८० हजार बच्चे पहुंचते हैं। इन बच्चों को पहले व चौथे मंगलवार को हलवे का पैकेट, दूसरे मंगलवार को बाल आहार, तीसरे मंगलवार को खिचड़ी का पैकेट ६ माह से ३ वर्ष के बच्चों व गर्भवती व धात्रियों को प्रदान किया जाता है। जो मार्च माह तक नियमित रूप से वितरित किया गया, लेकिन अप्रैल माह का लाट पूरा माह बीत जाने के बाद भी नहीं आया, साथ ही मई माह प्रारंभ होने के बाद भी आंगनवाडिय़ां खाली पड़ी है। ऐेस में मंगलवार को बच्चों, गर्भवती महिलाओं व धात्रियों को बिना पोषण आहार लिए ही लौटना पड़ रहा है।
आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक ५८ के हालात
यहां पर मार्च माह में बच्चों के लिए आए पोषण आहार में से हलवे के ३, बाल आहार के ५६, खिचड़ी के ०० पैकेट बचत थे, वहीं गर्भवती व धात्री के लिए मार्च की बचत में खिचड़ी के ४७, आटा बेसन लड्ढू के ०८, गेहूं सोयाबर्फी के १७ पैकेट थे, इसी प्रकार किशोर बालिकाओं के लिए आए पोषण आहार में से गेहूं सोया बर्फी ०३, खिचड़ी के ०३ पैकेट की बचत थी, इन बचत के पोषण आहर को अप्रैल में वितरित किए गए। लेकिन फिर भी सभी को नहीं मिल पाए, क्योंकि जितना बचा था उतना बांट दिया। शेष आए लोगों को वैसे ही लौटना पड़ा, लेकिन इस माह तो वह भी नहीं बचा।
आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक ९३ के हालात
यहां पर मार्च माह में बच्चों के लिए आए पोषण आहार में से हलवे के ००, बाल आहार के ३४, खिचड़ी के ०० पैकेट बचत थे, जिन्हें अप्रैल माह में वितरित कर दिए। वहीं गर्भवती व धात्री के लिए मार्च की बचत में खिचड़ी के २८, आटा बेसन लड्ढू के ०३, गेहूं सोयाबर्फी के ०९ पैकेट थे, इसी प्रकार किशोर बालिकाओं के लिए आए पोषण आहर में से गेहूं सोया बर्फी ११, खिचड़ी के ११ पैकेट की बचत थी। जो अप्रैल माह में जैसे तैसे वितरित की गई। लेकिन मई में क्या बांटा जाएगा। जब एक भी पैैकेट का स्टॉक नहीं है।
बढ़ रही बच्चों की संख्या
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता शाहजहां शेख ने बताया कि गर्मी की छुट्टियों के कारण आंगनवाड़ी में आने वाले बच्चों की संख्या बढ़ी है। क्योंकि स्कूलों की छुट्टियां हो गई है। उन्होंने बताया कि मार्च माह में पोषण आहार आया था, जिसकी बचत से कुछ वितरण अप्रैल में भी हो गया, लेकिन अब कुछ भी नहीं बचा है। इस कारण जैसे ही पोषण आहर आएगा, वितरित किया जाएगा।

पोषण आहार आने के आर्डर आ गए हैं। जो मई के अंतिम सप्ताह तक पहुंचने की संभावना है। पोषण आहार जैसे ही आएगा, आंगनवाडिय़ों से वितरित किया जाएगा।
-रेलम बघेल, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी, नीमच


Image Courtesy: Same As Above

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