केंद्र से 88 लाख मां-बच्चों के नाम पर मिल रहा पोषण आहार का बजट, दो साल में आधार से लिंक हुए सिर्फ 4.31 लाख

भोपाल.    मध्यप्रदेश में पोषण आहार पर निर्भर मां-बच्चों के निवाले पर संकट मंडरा रहा है। अरसे से पोषण आहार बांटने में ठेकेदारों के चंगुल में फंसी राज्य सरकार ने केंद्र की गाइडलाइन को ताक पर रख दिया गया है। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय   लगातार पोषण आहार से लाभ लेने वाले प्रत्येक मां और बच्चों के आधार कार्ड को लिंक कराने की हिदायत देता रहा, लेकिन प्रदेश सरकार का महकमा इसे अनदेखा करता रहा। अब केंद्र ने योजना से पैसा नहीं देने का अल्टीमेटम दे दिया है।

 

प्रदेश में 88 लाख हितग्राहियों की तुलना में महज 4,31,308 आधार लिंक हो पाए हैं। ये प्रक्रिया बोगस नामों को बाहर करने की है, मगर अफसर पत्रचार में ही उलझे हुए हैं, जिसका नुकसान हितग्राहियों को उठाना पड़ सकता है। केंद्र सरकार ने लगभग सभी बड़ी योजनाओं को आधार से जोड़ दिया है। कुछ योजनाओं में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिए बैंक खाते में ही पैसा डालने की शुरुआत हो चुकी है।

 

अल्टीमेटम… केंद्र सरकार ने योजना के तहत दी जा रही राशि रोकने की दी चेतावनी

– प्रदेश में कुल आंगनबाड़ी- 80160

– मिनी आंगनबाड़ी- 12070

– मध्यप्रदेश में कुल हितग्राही- 88 लाख।

– अति कम वजन के बच्चे 9 रुपए प्रति बच्चा।

– 6 माह से 6 साल तक  6 रुपए प्रति बच्चा।

मंशा… केंद्र सरकार की मंशा है कि आधार लिंक होने से पोषण आहार की राशि असली हितग्राही तक पहुंचेगी। इससे बोगस नाम बाहर हो जाएंगे, क्योंकि प्रत्येक हितग्राही सीधे आधार से लिंक होगा। आधार लिंक में जितने मां-बच्चों के नाम होंगे, उसी हिसाब से राशि जारी की जाएगी।

 

तीन निर्देश… केंद्र सरकार ने तीन बार कहा और राज्य ने हर बार किया उसे नजरअंदाज
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने सबसे पहले 31 मार्च 2016 में निर्देश दिए। इसके बाद 2017 और फिर 31 अप्रैल 2018 तक सभी हितग्राहियों के आधार लिंक कराने को कहा, लेकिन तीनों ही डेडलाइन को दरकिनार किया गया। मप्र महिला एवं बाल विकास आयुक्त अशोक कुमार भार्ग‌व ने 16 मई 2018 को हितग्राहियों के नाम और आधार नंबर लिंक कर केंद्रीय आईसीडीएस पोर्टल पर डालने के निर्देश दिए हैं। भार्गव ने 31 मई 2018 तक आधार लिंक करने की मोहलत अपने मतहतों को दी है।

 

बेपरवाही…. छह जिले ऐसे भी हैं, जहां एक भी हितग्राही आधार से लिंक नहीं हो पाया
शासन के निर्देशों के बावजूद ऐसे छह जिले हैं, जिन्हें आदेशों की कोई परवाह ही नहीं है। ये जिले टीकमगढ़, छतरपुर, नरसिंहपुर, अनूपपुर, सिंगरौली और आगर मालवा हैं। इन जिलों में छह हजार से ज्यादा आंगनबाड़ी हैं, लेकिन एक में भी आधार लिंक नहीं करवाया गया है। अब तक बुरहानपुर में 12, पन्ना में 44, राजगढ़ में 100 और सीधी में सिर्फ 131 हितग्रहियों के ही पंजीयन के बाद आधार लिंक कराए जा सकें हैं।

 

सीधी बात : अशोक कुमार भार्गव, आयुक्त, महिला एवं बाल विकास

सवाल- हितग्राही 88 लाख हैं, लेकिन 4 लाख हितग्राहियों के ही आधार लिंक हो पाए हैं?
जवाब-
 अभी संख्या काफी कम है। हमने सभी कलेक्टर और ज्वाइंट डायरेक्टर को निर्देश दिए हैं।
सवाल- यह तो केंद्र की गाइडलाइन का उल्लंघन है?
जवाब- 
मामला गंभीर है। हम युद्धस्तर पर आधार लिंक करने का अभियान चलाएंगे।
सवाल- कहीं ये डर तो नहीं कि बोगस हितग्राही सामने आ जाएंगे?
जवाब-
 ऐसा नहीं है। समय लगता है। मुझे ज्वाइन किए तो कुछ ही दिन हुए हैं।
सवाल- छह जिलों ने एक भी आधार लिंक नहीं कराया है। क्या कार्रवाई करंगे?
जवाब-
 हमने 31 मई तक की मोहलत दी है। आगे से एक्शन लिया जाएगा।


Reference: https://www.bhaskar.com/mp/bhopal/news/budget-of-nutritional-food-found-in-name-of-mother-and-children-from-central-government-5880157.html

Image Courtesy: Same As Above

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