MP: CM हेल्पलाइन में खुद CEO ने दी गलत जानकारी, बंद काम को बताया दिया चालू

शिकायतों का निराकरण नहीं, हैंडपंप और पाइप लाइन का काम भी बंद, पर बता रहे काम प्रगति पर

पन्ना/सलेहा। सीएम हेल्पलाइन में की जाने वाली शिकायतों के संदर्भ में दी जाने वाली जानकारी अक्सर विसंगतिपूर्ण होती है। बीते दिनों ग्राम पंचायत ककरहटी में उपयंत्री द्वारा हेल्पलाइन में आदिवासी मोहल्ला के महीनों से बंद पड़े हैंडपंपों को चालू बताया गया था। बाद में दूसरे ही दिन अमला हैंडपंप सुधारने पहुंच गया।

इसी प्रकार अब गुनौर जनपद के ग्राम पंचायत गंज की नल जल योजना बंद होने से आधे गांव को पानी नहीं मिलने की शिकायत पर जनपद सीईओ गुनौर ने सीएम हेल्पलाइन में पाइप लाइन डाले जाने का काम प्रगति पर होने की गलत जानकारी दी है। जिसे गंज के सरपंच ने गलत बताया है।

ये है मामला
गौरतलब है कि, गंज की नल जल योजना का काम 15 साल पूर्व शुरू किया गया था। योजना के शुरू से ही पंचायत के ऊंचाई वाले हिस्से में पानी नहीं पहुंच रहा है। आधा गांव पानी के लिए परेशान रहता है। मामले की जानकारी प्रदेश शासन की पीएचई मंत्री कुसुम सिंह महदेले, विधायक महेंद्र बागरी सहित जनपद सीईओ और अध्यक्ष को भी दी गई है। बावजूद स्थिति नहीं बदली।

गलत पाई गई सीइओ की जानकारी
गंज निवासी शंकर प्रसाद शर्मा ने 15 अप्रैल को शिकायत की थी। जिसमें आधे गांव में पानी नहीं आने की जानकारी दी गई थी। इस पर सीइओ ने सीएम हेल्पलाइन में जवाब दिया गया कि, पीएचई के ठेकेदार द्वारा पाइप लाइन डाली जा रही है। कार्य प्रगति पर है और पाइप लाइन बिछाने का काम पूरा होते ही गांव के लोगों को पानी मिलने लगेगा। इधर, सीइओ द्वारा दर्ज कराए गए जवाब को सरपंच अजय कुमार सोनकर ने गलत बताया। कहा, पंचायत में नई पाइप लाइन नहीं बिछाई जा रही है। पानी की समस्या का हल भी नहीं दिख रहा है। शिकायत को लेवल-3 में भेज दिया गया है।

कमिश्नर ने उपयंत्री को थमाया नोटिस
सूरजपुरा में बंद पड़े हैंडपंपों के चालू होने की जानकारी उपयंत्री पीएचई योगेश खरे द्वारा दर्ज कराई गई थी। जो सही नहीं थी। जांच में पाया गया था कि हैंडपंपों में बगैर सुधार के ही गलत प्रतिवेदन फीड कराया गया था। कलेक्टर ने मामले की जानकारी कमिश्नर मनोहर दुबे को दी गई थी। कमिश्नर ने उपयंत्री को नोटिस जारी कर 15 दिन के अंदर स्पष्टीकरण मांगा है। पूछा गया है कि, क्यों न आपकी आगामी एक वार्षिक वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकी जाए। नोटिस से अधिकारियों के बीच हड़कंप है।

पानी के लिए रतजगा
गंज की दो हजार की आबादी पानी के लिये रतजगा करती है। सरपंच अजय कुमार सोनकर कई बार शिकायत कर चुके हैं। पर, सुनवाई नहीं हुई। गांव के 10 हैंडंपंपों में में से एक से भी पानी नहीं निकल रहा है। लोग साइकिल और बाइक से दिन और देर रात तक पानी ढोते हैं।

ककरहटी में भी पकड़ा गया था झूठ
इससे पहले ग्राम पंचायत गढ़ीपड़रिया के ग्राम सूरजपुरा में भी सीएम हेल्पलाइन में पीएचई के अधिकारियों द्वारा जानकारी दर्ज कराई गई थी कि आदिवासी मोहल्ला सूरजपुरा के हैंडंपप रिपेयर कर दिए गए हैं और वे चल रहे हैं। जबकि गांव में एक भी हैंडंपप नहीं चल रहे थे। मामला खबरों में आने के बाद दूसरे दिन सुबह से ही अधिकारी हैंडपंप मकैनिकों को लेकर सूरजपुरा पहुंच गए और सुधरवाया गया था।

देखा गया है कि कुछ अधिकारियों द्वारा सीएम हेल्पलाइन में सही जानकारी नहीं दी जा रही है। इसकी सतत मॉनीटरिंग की जा रही है। सुधार भी आया है। कुछ लोगों को नोटिस भी जारी किया गया है। गंज का मामला जानकारी में है। नल-जल योजना को शीघ्र शुरू कराया जाएगा।
मनोज खत्री, कलेक्टर पन्ना

हो सकता है पीएचई ने काम बंद कर दिया हो या फिर सूखे के कारण काम नहीं कर रहे हैं। पीएचई और जनपद का काम अलग-अलग है। मोटर सुधारने और मेंटीनेंश की जिम्मेदारी पीएचई की है। मामले को दिखवाती हूं।
शिखा भलावी, सीईओ गुनौर

नई पाइन लाइन डालने का काम नहीं चल रहा है। आधे गांव के लोग सालों से पानी के लिए परेशान है। मैंने जनपद और जिला पंचायत सहित कलेक्टर से भी शिकायत की है। पर, समस्या बनी हुई है। गांव के बाहर से ग्रामीण एक किमी. दूर से पानी लाते हैं।
अजय कुमार सोनकर, सरपंच ग्राम पंचायत गंज


Reference: https://www.patrika.com/panna-news/gunnaur-ceo-inaccurate-information-given-in-cm-helpline-1-2892164/

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