MP सरकार की योजना हुई फ्लॉप, विदेशी तकनीक नही सीख पा रहे किसान

जबलपुर। किसानों के लिए विदेश यात्रा आज भी सपना है। किसानों को विदेश भेजकर उन्नत कृषि के गुर सिखाने के उद्देश्य से शुरू की गई मुख्यमंत्री किसान विदेश अध्ययन यात्रा योजना फ्लाप साबित हो रही है। दो साल से जिले के एक भी किसान को इसमें अवसर नहीं मिला। मालूम हो कि जिले में 2 लाख 25 हजार किसान हैं।
विभाग के पास मांग पत्र ही नहीं आया
 
योजना में पहले वर्ष 2013-14 में जिले के तीन किसानों को मौका मिला था। भटौली की डॉ. पद्मनी शिवकुमार, कटंगी के योगेश चंदेल व जबलपुर ब्लॉक के शिवकुमार वीआर राममूर्ति ने जर्मनी-इटली की यात्रा की थी। 2015-16 में कृषि विभाग ने 5 किसानों का प्रस्ताव प्रदेश शासन को भेजा, लेकिन किसी की स्वीकृति नहीं मिली। जबकि जारी वर्ष में प्रदेश शासन से कृषि विभाग के पास मांग पत्र ही नहीं आया। विदेश यात्रा की वित्तीय व्यवस्था के लिए अनुसूचित जाति व जनजाति के किसानों से  25 प्रतिशत व सामान्य एवं अन्य किसानों से 50 फीसदी राशि लेने का प्रावधान रखा गया है।
योजना में ये देश
 
ऑस्ट्रेलिया-न्यूजीलैंड
ब्राजील-अर्जेन्टीना
फिलीपीन्स-ताईवान
जर्मनी-इटली और
हॉलैंड
इनका कहना है कि
मुख्यमंत्री किसान विदेश अध्ययन यात्रा योजना में पहले साल जिले से तीन किसानों को विदेश भेजा गया था। 2015-16 में पांच किसानों के लिए प्रपोजल राज्य शासन को भेजा गया था परंतु स्वीकृति नहीं मिली। जबकि 2016-17 में कोई मांग ही नहीं आई।
डॉ. आनंद मोहन शर्मा, कृषि अधिकारी 


Reference: https://www.patrika.com/jabalpur-news/how-to-learn-the-tricks-of-cultivation-from-abroad-1515163/

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