CM Helpline: अकेले एक जिले की इतनी शिकायतों का नहीं हुआ निराकरण, पूरे मध्यप्रदेश का क्या होगा हाल,

 Dec, 19 2017                                                                                                                    Damoh, Madhya Pradesh, India

निराकरण नहीं होने पर भोपाल से लेकर दमोह तक लग रही कड़ी फटकार

दमोह. आमजनों की शिकायतों का त्वारित निराकरण के लिए लोक सेवा गारंटी के तहत जनसुनवाई को भी सीएम हेल्पलाइन से जोड़ दिया गया है। पोर्टल पर सीधे शिकायतें ऑनलाइन हो रही हैं, लेकिन जिले के अधिकारी अभी शिकायतों के निराकरण में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। वित्तीय वर्ष समाप्त होने को है, लेकिन अभी शिकायतें एल वन, एल टू, एल थ्री व एल फोर स्तर पर लंबित हैं। जिले के 82 विभागों की 18 दिसंबर की स्थिति में 4621 शिकायतें लंबित नजर आ रही हैं। इन शिकायतों को लेकर भोपाल के आला अफसर से लेकर दमोह कलेक्टर तक खासी नाराजगी व्यक्त कर चुके हैं।
दमोह जिले में सर्वाधिक शिकायतें पंचायती राज से संदर्भित हैं। यहां कुल 585 शिकायतों का निराकरण नहीं हुआ है। एल वन स्तर पर 85, एल टू स्तर पर 33, एल थ्री स्तर पर 46 व एल फोर स्तर पर 421 शिकायतें लंबित हैं। यह शिकायतें ऐसी हैं, जिनके संदर्भ में आवेदक दर्जन भर से अधिक बार अपने आवेदन प्रस्तुत कर चुके हैं, लेकिन इनका निराकरण नहीं किया गया है।
इस समय किसानों की समस्याओं को लेकर शासन व प्रशासन संजीदा नजर आ रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत में किसानों द्वारा की जाने वाली लिखित शिकायतों के निराकरण में दिलचस्पी नजर नहीं आ रही है। कृषि उपज मंडी की कुल 152 में से एल वन 48, एल टू 49, एल थ्री 18 व एल फोर स्तर की 37 शिकायतें लंबित नजर आ रही हैं। इसके साथ ही फसल बीमा कृषि कल्याण विभाग की 275 शिकायतों का निराकरण नहीं किया गया है। जिनमें एल वन 5, एल टू 4, एल थ्री 3 व एल फोर स्तर पर 263 शिकायतों का निराकरण नहीं हुआ है।
ऊर्जा विभाग से संदर्भित कुल 355 शिकायतें लंबित हैं। जिसमें एल वन 100, एल टू 32, एल थ्री 39 व एल फोर पर 184 शिकायतें लंबित हैं। इनके अलावा खाद्य आपूर्ति विभाग की 106, नगर पालिका, नगरीय निकाय 215, मनरेगा की 123, राज्य शिक्षा केंद्र की 134, राजस्व विभाग की 349, लीड बैंक संस्थागत वित्त की 335, लोक शिक्षक की 383, संस्थागत वित्त की 224 व सामाजिक न्याय व निशक्त कल्याण की 169 शिकायतें लंबित हैं।
प्रधानमंत्री आवास की शिकायतें निराकृत
प्रधानमंत्री आवास से संबंधित करीब 44 शिकायतें लंबित नजर आ रहीं थीं, इन शिकायतों पर भोपाल से एक पत्र जारी करते हुए कड़ी नाराजगी जताई थी, लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना में लगे अधिकारियों की त्वरित कार्रवाई कहें या कोई करामात 18 दिसंबर की स्थिति में प्रधानमंत्री आवास योजना से संबंधित एक भी शिकायत नजर नहीं आ रही है। जबकि कलेक्टर ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों द्वारा पहली किस्त का दुरुपयोग कर आवास निर्माण शुरू न करने पर आपराधिक मामला दर्ज कराने के लिए एसपी विवेक अग्रवाल को पत्र लिखा है। इसी संदर्भित शिकायतें की गईं थीं, लेकिन उक्त शिकायतें पोर्टल पर नजर नहीं आ रही हैं और न ही इनका निराकरण किया गया है।
कार्रवाई का प्रस्ताव कमिश्नर को भेजेंगे
कलेक्टर डॉ. श्रीनिवास शर्मा ने सीएम हेल्प लाइन की समीक्षा करते हुए 300 दिन और उससे अधिक लंबित प्रकरणों के संबंध में सख्त रवैया अख्तियार करते हुए दो टूक कहा है कि जो अधिकारी शिकायतों के निराकरण में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं, उन अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के प्रस्ताव बनाकर कमिश्नर को भेजे जाएंगे। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिस स्तर के अधिकारी तक शिकायतें लंबित हैं उस स्तर पर चर्चा कर शिकायतों का तत्काल निराकरण कराएं।


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