90 लाख से स्वीकृत नल-जल योजना अधूरी, ट्यूबवैल से पानी भर रहे लोग

कस्बे की ग्राम पंचायत दिनारा में पीने के पानी की किल्लत लगातार बढ़ती जा रही है, जिसे क्षेत्रवासी पेयजल के लिए परेशान हुए हैं। स्थिति यह है कि ग्राम पंचायत में 90 लाख रुपए की लागत से स्वीकृत हुई नलजल योजना का भी कार्य अधूरा पड़ा हुआ है। जिससे पंचायत में अल सुबह से ही लोग पानी की खोजबीन शुरू करते हैं जिसमें वृद्ध हो या जवान सभी दूर- दूर जाकर खेतों पर लगे ट्यूबवेलों से पेयजल की व्यवस्था बमुश्किल कर पा रहे हैं। तब कहीं जाकर उन्हें पीने का पानी नसीब हो पा रहा है। ग्राम पंचायत के चंदावर रोड व सिद्धपुरा क्षेत्र की हालत ज्यादा खराब हैं जहां के रहवासी पानी के लिए ज्यादा परेशान हो रहे हैं। टंकियों के निर्माण में लगे कर्मचारियों का कहना है कि कार्य सुचारू रूप से चल रहा है। जल्द ही कार्य पूरा कर टंकियों के माध्यम से ग्रामीणों को पेयजल व्यवस्था की जाएगी। जबकि ठेकेदार द्वारा नलजल योजना के तहत तीन नए बोर खनन कर दिए हैं। वहीं अधिकांश से अधिक घरों में नल कनेक्शन देने के बाद भी उनमें पानी की सप्लाई नहीं दी जा रही है। जिससे हालात ज्यादा खराब हैं।

शोपीस बने ग्राम पंचायत में लगे हैंडपंप :दिनारा कस्बे के विभिन्न वार्डों में लगे हैंडपंपों ने जल स्तर गिरने से पानी देना बंद कर दिया है और वह लंबे समय शोपीस बने हुए हैं। देवेंद्र कालीचरण आदि की मानें तो वार्डों में लगे अधिकांश हैंडपंपों में पानी कम हो गया है। इन हैंडपंपों को क्षेत्रवासी लंबे समय से दुरुस्त कराए जाने की मांग करते चले आ रहे हैं। लेकिन पीएचई विभाग द्वारा इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। मजबूरीवश क्षेत्रवासियों को कीमती पानी की खरीदारी करने को विवश होना पड़ रहा है।

दिनारा में नल-जल योजना के तहत बनी पानी की टंकी।

इन क्षेत्रों में है पानी की किल्लत

कस्बे में कई इलाके ऐसे है जहां लगातार घटते जल स्तर के कारण पीने के पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। कस्बे के गहोई धर्म शाला के पास, राधाकृष्ण मंदिर का इलाका, पोस्ट ऑफिस के पास, सिद्धपुरा क्षेत्र, पुराना दिनारा, चंदावरा रोड आदि ऐसे इलाके हैं जहां पीने के पानी की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है और लोग परेशान हो रहे हैं। निजी बोर या कुआं आदि का प्रशासन द्वारा अधिग्रहण नहीं किया है और लोग कस्बे में पानी का विक्रय कर कमाई में जुटे हुए हैं।

नलों से पानी सप्लाई तब मिले राहत

ग्रामीणों की माने तो पंचायत में 90 लाख रुपए की लागत से बन रही नलजल योजना के तहत लगाए गए तीन नए बोरों में पानी तो हैं लेकिन उससे ठेकेदार द्वारा गांव में दिए गए नल कनेक्शनों में पेयजल सप्लाई नहीं छोड़ी जा रही है। जिससे हालात ज्यादा खराब बने हुए हैं। यदि ठेकेदार द्वारा नलों में सप्लाई छोड़ी गई तो ग्रामीणों को काफी राहत मिलेगी।

अतिशीघ्र की जाए पेयजल व्यवस्था

ग्राम पंचायत क्षेत्र का जलस्तर लगातार कम हो रहा है। समस्या और जटिल होती जा रही है। ऐसे में प्रशासन को हैंडपंपों को दुरुस्त कराना चाहिए व बोरो को चालू कर पाइप लाइनों के माध्यम से पानी की सप्लाई अति शीघ्र भेजना चाहिए। जिससे गांव में पेयजल की व्यवस्था हो सके। संतोष वर्मा,दिनारा

टंकी बनते ही समस्या का होगा निदान

पंचायत में नलजल योजना के तहत बोर खनन हो चुके हैं दो टंकियों का निर्माण होना है जिसमें एक का निर्माण चल रहा है। दूसरी टंकी के निर्माण के लिए पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा जगह नहीं दी जा रही हैं। जैसे ही जगह मिलेगी हम दूसरी टंकी का निर्माण शुरू करवा देंगे। पानी की समस्या के लिए जल्द नलों में सप्लाई करवाएंगे। दीपक अग्रवाल, ठेकेदार नलजल योजना


Reference: https://www.bhaskar.com/mp/gwalior/news/latest-dinara-news-024002-1655656.html

Image Courtesy: Same As Above

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