सीएम हेल्पलाइन में शिकायत की तो पंचायत ने रोका गांव का पानी, 15 दिन से जलसंकट

ग्रापं बोलासा की सरपंच मंसूरीबई गेंदालाल सिंगाड़ ने कहा ग्रामीणों द्वारा लगाए जा रहे आरोप झूठे हैं।

झाबुआ.    सीएम हेल्पलाइन में शिकायत करना एक गांव के लोगाें की परेशानी का सबब बन गया है। शिकायत से गुस्साई ग्राम पंचायत ने पूरे गांव में पानी सप्लाय बंद कर दिया है। ऐसे में भरपूर पानी होते हुए भी गांववालों को जलसंकट का सामना करना पड़ रहा है। कई लोग तो पानी खरीदकर पीने को मजबूर है। यह स्थिति 15 दिन से बनी हुई है।

मामला पेटलावद से 18 किमी दर स्थित ग्राम पंचायत बोलासा का है। यहां लोग जद्दोजहद कर दूसरे स्थानों से पानी लाने को मजबूर हैं। स्थिति ये है कि तो पानी के हैंडपंपो पर भीड़ उमड़ रही है तो कहीं ठेलों और साइकिलों से पानी लाने को लोग मजबूर हैं। बोलासा के वार्ड 3 और 4 में सबसे ज्यादा परेशानी है। तपती गर्मी में लोगों को खासतौर पर महिलाओं को पानी के लिए दूर-दूर तक जाना पड़ रहा था। दरअसल इन दो वार्ड के लोगों ने ग्राम पंचायत सरपंच को पानी की समस्या बताई थी। लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। वार्डवासियों को उल्टा यह कहकर भगा दिया कि अपनी जेब से पैसा लगाकर पानी की लाइन डाल लो। पहले अपना जलकर जमा करो उसके बाद ही पानी मिल पाएगा। इसके बाद ग्रामीण निराश होकर अपने घर लौट गए।

 

अगले ही दिन सभी वार्डवासियों ने जलकर मई 2018 तक एडवांस जमा करा दिया, लेकिन समस्या का ही नहीं हुआ। सबसे हताश होकर वार्डवासियों ने सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत कर दी। शिकायत से गुस्साई ग्राम पंचायत ने पूरे गांव का पानी सप्लाय बंद कर दिया है। जबकि समस्या केवल 3 और 4 वार्ड में थी। आश्चर्यजनक बात यह भी है कि ग्रामीणों द्वारा सीएम हेल्पलाइन की शिकायत के बाद भी अधिकारी जांच के लिए नहीं आए।

सरपंच बोली-अवैध मोटरें चल रही थी इसलिए बंद किया पानी 
ग्रापं बोलासा की सरपंच मंसूरीबई गेंदालाल सिंगाड़ ने कहा ग्रामीणों द्वारा लगाए जा रहे आरोप झूठे हैं। शिकायत के बाद हमने कनेक्शन नहीं बंद किए। हम तो पीएचई विभाग के साथ मिलकर समय-समय पर नल-जल योजना के माध्यम से पानी सप्लाय कर रहे हैं। हमने पानी इसलिए बंद किया था क्योंकि अवैध रूप से चल रही मोटरें बंद कराना था।

माही का फिल्टर प्लांट भी है बोलासा में 
बड़ी बात यह है कि माही परियोजना का पानी बोलासा में ही बने फिल्टर प्लांट तक आता है। यहां से अन्य स्थानों पर पानी सप्लाय होता है। इस वजह से यहां पानी की समस्या भी नहीं होती। लेकिन पंचायत की मनमानी से बोलासा के ग्रामीण पानी की एक-एक बूंद को तरस रहा है। यही नहीं पंचायत ने यहां एक ही पाइप लाइन से पूरे गांव में कनेक्शन दिया है, जबकि यहां दो पाइप लाइन से कनेक्शन होना थे, इस स्थिति में एक पाइप लाइन से जब पानी सप्लाय किया जाता था। तो वह पानी आखिरी मोहल्ले में आते-आते खत्म हो जाता था, जिससे दूर तक पानी भरकर लाना पड़ता था, लेकिन अब तो ग्राम पंचायत की लापरवाही के चलते पूरे बोलासा कस्बे की नल-जल योजना पूरी तरह ठप पड़ी है। इसी का परिणाम है कि पिछले 15 दिनो से बोलासा के ग्रामीण पानी के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हो गए है।

एडवांस जलकर जमा, फिर भी नहीं मिल रहा पानी 
ग्रामीण गेंंदालाल पाटीदार, कृष्णलाल पाटीदार, संजय पाटीदार, सोहनलाल पाटीदार व कालूराम पाटीदार ने बताया हमने अप्रैल से 1 मई तक का 200 रुपए जलकर भी पंचायत में एडवांस में जमा करा दिया है। यही पांच लोग नहीं इसके अलावा पूरे गांव के लोग भी जलकर जमा करा चुके हैं, फिर भी वे पानी को तरस रहे हैं। उधर ग्रामीण ग्रामीण भेरूलाल, बालाराम, राहुल, कालूराम, अरुण, छगनलाल, देवीलाल, गेंदालाल, हेमराज, सोहनलाल, राजेंद्र, वालचंद्र, हरीश, अजय आदि ने बताया ग्राम पंचायत के पेयजल स्रोतों में पर्याप्त पानी है। इसके बाद भी सरपंच व सचिव के कुप्रबंधन के कारण लोगों को 15 दिनों से पानी नहीं मिला। महिलाएं दूर-दूर से पानी लाने को मजबूर हैं।

 

पानी खरीदकर पी रहे लोग 
ग्रामीण कृष्णलाल पाटीदार ने कहा पर्याप्त पानी के बाद भी भीषण गर्मी में ग्राम पंचायत जल वितरण में गंभीर लापरवाही बरत रही है। लोगों को पानी खरीदना पड़ रहा है। डेढ़ सौ से दो सौ रुपए प्रति टैंकर के मान से सक्षम लोग पानी खरीद रहे है। पर गरीब लोग गांव के आसपास के कुओं एवं गांव के हैंडपंप पर घंटों मशक्कत कर पानी ला रहे है।


Reference: https://www.bhaskar.com/mp/indore/news/panchayat-stopped-water-of-village-after-complaint-in-cm-helpline-5859965.html

 

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