मध्य प्रदेश : गुना का टोडरा गांव, यहां नल-जल योजना 10 साल से ठप, निजी ट्यूबवेल संचालक से ग्रामीण हर माह 300 रु. देकर लेते हैं पानी

जामनेर.    आमतौर पर पेयजल के लिए पाइप लाइन जमीन के अंदर डाली जाती है, लेकिन टोडरा गांव में ठीक उल्टा है। राघौगढ़ विधानसभा के सबसे बड़े गांवों में से एक टोडरा में पानी की लाइन हवा में झूलती रहती हैं। पूरे गांव में पाइप लाइन   का यह जंजाल फैला हुआ है। पानी की सप्लाई का यह सिस्टम प्राइवेट ट्यूबवेलों से जुड़ा है। गांव की पेयजल योजना पिछले 10 साल से ठप है। अब घर-घर पानी पहुंचाने की जरूरत के हिसाब से लोगों ने यह तरीका इजाद कर लिया। जमीन के अंदर पाइप लाइन बिछाना तो महंगा पड़ता इसलिए उसे बिजली के तारों की तरह हवा में लटका दिया गया।

पीएचई के रिकॉर्ड में चालू है नल-जल योजना 
पीएचई के रिकॉर्ड में राघौगढ़ ब्लॉक की सभी 50 नल-जल योजनाएं चालू हैं। जबकि भास्कर ने टोडरा के अलावा गादेर और बरसत गांव की ग्राउंड रिपोर्ट ली तो, किसी भी जगह योजना काम नहीं कर रही है। गादेर में तो इसका काम कुछ ही माह पूर्व हुआ है। कागज पर इसका शुभारंभ भी बताया जा चुका है, लेकिन टंकी आज तक नहीं भरी गई। तीनों गांवों में पाइप लाइन का ऐसा ही जाल बिछाकर प्राइवेट ट्यूबवेल संचालक मोटा मुनाफा कमा रहे हैं।

 

10 मिनट आते हैं नल , इतने में ही भरना पड़ता है दिनभर का पानी 
– राघौगढ़ विधानसभा के सबसे बड़े गांवों में से एक है टोडरा, 5500 की है आबादी।
– बरसत, जामनेर सहित 10 से 12 गांवों में इसी तरह होती है पेयजल सप्लाई।

 

15 रुपए में राघौगढ़ नपा पिलाती है पानी, यहां 300 रुपए देते हैं ग्रामीण 
दिलचस्प बात यह है कि राघौगढ़ विधानसभा के तहत आने वाले इस गांव के लोग पानी के लिए 300 रुपए हर माह चुकाते हैं और बदले में सिर्फ 10 मिनट नल आते हैं। जबकि राघौगढ़ कस्बे में प्रदेश का सबसे सस्ता पानी है, जहां नपा महज 15 रुपए प्रति माह जलकर लेती है। गुना में, जहां सबसे ज्यादा जलकर है, वहां भी 160 रुपए में नपा डेढ़ से दो घंटे तक पानी की सप्लाई करती है।


Reference: https://www.bhaskar.com/mp/bhopal/news/people-from-mp-guna-village-take-water-from-private-tubewell-operators-5881606.html

 

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