नल-जल योजना की टंकियां उपयोग के बिना ही 8 साल में क्षतिग्रस्त, पाइप लाइन फूटी

विकासखंड के गांवों में जलसंकट से निपटने के लिए शासन स्तर से नलजल योजना हैं। इसके क्रियान्वयन के लिए लाखों रुपए की टंकियों का निर्माण भी किया गया था। कई गांवों में सालों बाद भी इन टंकियों से योजना का लाभ लोगों को नहीं मिल रहा है। मेहतवाड़ा में 8 साल के बाद भी पानी की समस्या से लोग परेशान हो रहे हैं।

जावर तहसील के हाईवे स्थित बड़े गांव मेहतवाड़ा में वर्ष 2002-2003 में पेय जल संकट को हल करने के लिए शासन ने लोक स्वास्थ यांत्रिकी विभाग को 14.38 लाख रुपए स्वीकृत किए थे। इसके तहत ट्यूबवेल खनन के साथ ही गांव में पाइप लाइन बिछाने और 1लाख 8 हजार लीटर क्षमता वाली पानी की टंकी बनना थी। इसका काम निश्चित समय पर पूरा हो गया था। लोगों को इससे लगा था कि गांव का पेयजल संकट से राहत मिलेगी। इसके बाद वर्ष 2008 में विभाग ने 2 नलकूप खनन कराए थे। इनमें भरपूर पानी निकला था। 19 फरवरी 2009 को जिले के तत्कालीन प्रभारी मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा ने इस टंकी का लोकार्पण किया था। इसके बाद से अभी तक लोगों को टंकी के माध्यम से पानी नहीं मिल सका है।


Reference: https://www.bhaskar.com/mp/ashta/news/MP-OTH-MAT-latest-ashta-news-021002-979819-NOR.html

 

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