नल-जल योजना का परीक्षण करने पहुंचे अफसरों को ग्रामीणों ने घेरा, आंदोलन की दी चेतावनी

ग्रामीणों की सुविधा के लिए शुरू नल-जल योजना ध्वस्त होने की कगार पर पहुंच गई है। जिसे लेकर पीएचई के अधिकारियों द्वारा शनिवार को अवलोकन किया गया। इस दौरान महिलाओं व ग्रामीणों ने अधिकारियों को घेरकर आक्रोश जताया। ग्रामीणों ने अधिकारियों से सवाल-जवाब किए, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब अधिकारी नहीं दे सके। बता दें कि गांव में शासन द्वारा 1 करोड़ की नल-जल योजना स्वीकृत की गई थी, जो अभी तक पूरी तरह चालू भी नहीं हो पाई है। वहीं राशि कम होने पर विधायक दिलीपसिंह शेखावत द्वारा तत्काल 2 लाख रुपए की मंजूरी भी दी गई। जिससे पाइप लाइन डाली भी गई, लेकिन उसके 8 दिन बाद भी नलों से पानी नहीं आया है। शुक्रवार को विधायक शेखावत को ग्रामीणों ने इसे लेकर शिकायत की थी। जिस पर शनिवार को पीएचई इंजीनियर सुधांशु जैन, सब इंजीनियर गरिमा भटनागर और ठेकेदार के कर्मचारी ने गांव में करीब 4 घंटे तक घूमकर स्थिति का जायजा लिया। अस्पताल चौराहे पर लगे वाॅल्व की ज्यादा समस्या होने पर कांग्रेस महामंत्री रामलाल मुकाती और महिलाओं ने मौके पर दोनों अधिकारियों को घेर लिया और काफी देर तक हंगामा हुआ। इस दौरान मुकाती ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि अगर समस्या का हल नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा। जिस पर अधिकारियों ने सोमवार तक समस्या हल करने का आश्वासन दिया। इस मौके पर सरपंच कैलाश कटारिया, पूर्व सरपंच रामनारायण शर्मा, बगदीराम गुजराती, राधेश्याम राठौर, राजेंद्र व्यास, कचरूलाल राठौड़, सरोज रावल, अनिल मुकाती, लखन मुकाती, कैलाश गुजराती, भगवान पुरी गोस्वामी आदि मौजूद थे।

नल-जल योजना का परीक्षण करने मड़ावदा पहुंचे अधिकारियों को घेरकर सवाल जवाब करते ग्रामीण।


Reference: https://www.bhaskar.com/mp/ujjain/news/latest-madavda-news-041504-1926117.html

 

 

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