उदयगढ़ में नल जल योजना 8 साल से बंद, हर साल सुधार के लिए लाखों रु. का बता रहे खर्च

शासन ने उदयगढ़ में लाखों रुपए की लागत से नल जल योजना वर्ष 2005 से शुरू की थी लेकिन इस योजना का लाभ नगरवासियों को आज तक नहीं मिला और उक्त योजना करीब 8 वर्षों से बंद पड़ी है। वहीं हर साल योजना पर पीएचई द्वारा दुरुस्ती के नाम पर लाखों रुपए खर्च होना बताया जाता है। ऐसे में योजना का लाभ नहीं मिल पाने से अधिकांश नागरिक हैंडपंप से अपना काम चला रहे हैं जबकि कुछ रहवासी निजी ट्यूबवेल का उपयोग कर रहे हैं। लेकिन गत वर्ष बारिश कम होने से ट्यूबवेल भी सूखने के कगार पर पहुंच गए हैं।

गौरतलब है कि वर्ष 2005 से ग्राम पंचायत अपने स्तर से जैसे-तैसे जल सप्लाय नगरवासियों को कर रही थी। लेकिन वर्ष 2009-10 में झाबुआ कुक्षी स्टेट हाइवे बनने पर इस योजना की लाइन क्षतिग्रस्त होकर बंद हो गई थी। उसके बाद सड़क निर्माण कंपनी ने रिपेयरिंग के लिए 11 लाख रुपए दिए थे। 2 साल पहले पीएचई के माध्यम से राशि व्यय की गई उसके बाद भी सप्लाई प्रारंभ नहीं हुआ।

टेंडर अनुसार काम और कागजों में दिखाया जा जलप्रदाय

गतवर्ष एमके तिवारी नामक ठेकेदार को पुनः नलजल योजना को दुरुस्त करने एवं पाइप लाइन आदि के संबंध में विभाग के माध्यम से 40 लाख रुपए का टेंडर स्वीकृत हुआ। टेंडर अनुसार कार्य भी किया जाना बताया गया और आज कागजी तौर पर पानी की सप्लाई बताया जा रहा है। इसकी पुष्टि पीएचई विभाग जोबट के एसडीओ नवलसिंह भूरिया ने भी की। लेकिन उदयगढ़ नलजल योजना आज भी बंद पड़ी है। वहीं इस मामले में भास्कर प्रतिनिधि द्वारा चर्चा करने के बाद एसडीओ भूरिया सक्रिय हुए और पेयजल योजना के संबंधित लोगों को सूचना देकर उदयगढ़ में पानी सप्लाई करने के लिए कहा, शाम 5 बजे गांव में नलों में सिर्फ 3 मिनट के लिए पानी आया। इस संबंध में उदयगढ़ के रहवासी खलील मंसूरी, आसिफ शेख, भेरु भाई, रमेशचंद्र आदि ने मांग की है कि वर्ष 2005 से अब तक कितनी राशि दुरुस्ती करण एवं नलजल योजना की वृद्वि करने के लिए व्यय की गई उसकी जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए और योजना को तत्काल प्रारंभ कर लोगों को उसका लाभ दिलाया जाए।

इधर, पुजारा फलिया के ग्रामीण बैलगाड़ी से ला रहे पानी

इसी प्रकार क्षेत्र के ग्राम कानाकाकड़, उती, छोटी जुवारी में ग्रामीण नल जल योजना बंद पड़ी है। जबकि इन योजनाओं में शासन का लाखों रुपए व्यय कर जा चुका है। उसके बाद भी लोगों को लाभ नहीं दिया जा रहा है। गत 16 मई को बोरी में लोक कल्याण शिविर में ग्राम पंचायत बुड़कुई बड़ी के पुजारा फलिया के निवासियों ने पानी की समस्या के निदान के लिए आवेदन दिया था। जिस पर अधिकारी ने पीएचई को तत्काल फलिये में हैंडपंप लगाकर निराकरण की बात कही थी। लेकिन इस फलिये में आजतक विभाग ने ध्यान नहीं दिया। जिसके कारण ग्रामवासियों को अपनी बैलगाड़ी से दूर दराज के हैंडपंपों से पानी भर कर लाना पड़ रहा है


Reference: https://www.bhaskar.com/mp/jhabua/news/latest-jhabua-news-040003-1894296.html

Image Courtesy: Same As Above

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