मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा के नाम पर बुजुर्गों का अपमान, सूची में थे पात्र, स्टेशन से अपात्र बताकर लौटाया

Dakshi Sahu | Publish: Oct, 30 2017 12:05:12 PM (IST)

राजनांदगांव. मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा में जाने के लिए पहुंचे कई बुजुर्गों को उस समय अपमान का घूंट पीना पड़ गया, जब पात्र सूची में नाम होने के बाद भी उन्हें अपात्र बताकर वापस घर भेज दिया गया। यह सब वाकिया राजनांदगांव जनपद पंचायत में रविवार को हुआ।

कमाख्या देवी दर्शन के लिए तीर्थ यात्रा की लिस्ट में नाम होने के बाद बुजुर्ग यहां पहुंचे थे, लेकिन दर्जनभर से अधिक बुजुर्गों का नाम अंतिम समय में कांट कर जनपद के पदाधिकारियों ने अपने चहेतों का नाम जोड़ दिया। जनपद में हुए इस खेल का पात्र हितग्राहियों ने जमकर विरोध किया और जनपद में हंगामा मंचाया।

बुजुर्गों ने जनपद अध्यक्ष और भाजपा के नेताओं पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे लोग अपने लोगों को तीर्थ यात्रा में भेेजने पात्र हितग्राहियों का नाम अंतिम समय में काट दिया है। गौरतलब है कि राजनांदगांव ब्लाक के बुजुर्गों को योजना के तहत तीर्थ यात्रा करने कामाख्या देवी भेजा गया। लिस्ट में नाम होने के बाद ब्लाक के बुजुर्ग यात्रा में जाने जनपद पंचायत पहुंचे थे।

इस दौरान दर्जनभर से अधिक बुजुर्गों का नाम काट कर उन्हें वापस भेज दिया गया। यात्रा में जाने पहुंचे छोटे टेमरी के बुजुर्ग ईश्वरी व रामेशर ने बताया कि यात्रा में जाने लिस्ट में उनका नाम था, लेकिन जनपद के पदाधिकारियों ने नाम काट दिया। ईश्वरी लाल ने कहा कि जब यात्रा में भेजना ही नहीं था तो बुलाया ही क्यो गया था। इसके अलावा डिलापहरी के सुमिन्त्रा बाई ने भी वापस भेजने पर जनपद के पदाधिकारियों पर जमकर बरसी।

सांसद अभिषेक सिंह ने आज राजनांदगांव रेलवे स्टेशन में तीर्थयात्रियों को कामाख्या तीर्थ यात्रा के अवसर पर शुभकामनाएं दी। वे स्टेशन पहुंचे और सभी तीर्थयात्रियों को कहा कि सुखद यात्रा करें और पुण्य लाभ लें। तीर्थयात्रियों ने सांसद से कहा कि शासन की मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना से यह दुर्लभ अवसर हासिल हुआ है। हम उस ऐतिहासिक पौराणिक स्थल के दर्शन करेंगे जहां देवी सती के अंग गिरे।

खैरागढ़ के बृजलाल पटेल ने बताया कि जब मैं स्टेशन पहुंचा तो मेरा स्वागत फूलों से किया गया, तिलक लगाया। यह ऐसा ही सम्मान था जैसा विवाह के अवसर पर मेरा सम्मान हुआ था। इस ढलती उम्र में इतना सुख मिलेगा, यह आशा नहीं थी। सांसद सिंह ने ट्रेन के हर कोच में जाकर तीर्थ यात्रियों से मुलाकात की। सिंह ने तीर्थयात्रियों से कहा कि जब लौट कर आये तो अपनी सुखद यात्रा के अनुभव अवश्य साझा करें।

करेला ग्राम निवासी बुजुर्ग कमला बाई ने बताया कि पंचायत द्वारा जारी सूची में यात्रा में जाने नाम था। यात्रा में जाने पूरी तैयारी के साथ जनपद पंचायत में पहुंचे थे। यहां आने के बाद लिस्ट में नाम नहीं होने की जानकारी देकर वापस भेज दिया गया। जनपद उपाध्यक्ष अंगेश्वर देशमुख ने बताया कि लिस्ट में नाम होने के बाद भी बुजुर्गों को वापस भेजना बहुत ही गलत है।

अपने लोगों को भेजने सत्ताधारी लोग मनमानी करने लगे हैं। मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा का नाम बदल कर भाजपा यात्रा कर देना चाहिए। वहीं इस पूरे मामले पर जनपद अध्यक्ष सरिता कन्नौजे ने कहा कि तीर्थ यात्रा में पात्र लोगों को ही भेजा गया है। कुछ ऐसे लोग यात्रा में जाने पहुंच गए थे, जो पहले भी जा चुके हैं। ऐसे लोगों को वापस भेज कर नए लोगों को मौका दिया गया है। अपने लोगों को भेजने का आरोप गलत है।


Reference: https://www.patrika.com/rajnandgaon-news/rajnandgaon-mukhya-mnatri-tritha-yojna-cg-1949709/

 

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