मुख्यमंत्री की नर्मदा सेवा यात्रा पर मेधा पाटकर ने दिया बड़ा बयान, कहा-मप्र से बेहतर काम रही महाराष्ट्र सरकार

Sonelal kushwaha | Publish: May, 07 2018 01:36:04 AM (IST)

जल-जन संवाद के तहत विंध्य के दौरे पर पहुंची नर्मदा बचाओ आंदोलन की अगुवा पाटकर, किए कई खुलासे

सतना. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा नर्मदा सेवा के नाम पर निकाली गई यात्रा दिखावा थी। नर्मदा तट पर सेवा के नाम रोपे गए पौधे भी देखरेख के बिना सूख गए। राजनीतिक स्वार्थ के लिए सरकारी खजाने को चोट पहुंचाई। हकीकत ये है कि नर्मदा का पानी के वाजिब हकदार जो किसान हैं, उन्हें पानी नसीब नहीं हो रहा। फसल सूख रही है और निजी स्वार्थ के चलते उद्योगों, निजी ऊर्जा केंद्रों को पानी बेचा जा रहा है। यह बात सर्किट हाउस में नर्मदा बचाओ आंदोलन से की मेघा पाटकर ने कही।

आंदोलन की तैयारी
उन्होंने बताया कि नर्मदा और किसानों की लगातार उपेक्षा की जा रही है। मंदसौर में हक के लिए आंदोलन करने वाले किसानों पर झूठे मुकदमे लगाए गए। जिसके खिलाफ वे खलघाट (खरगोन-धार) से 27 मई को नर्मदा और किसान बचाओ जंग की शुरुआत करेंगी। इसमें खरगोन-धार के अलावा आसपास के आधा दर्जन से अधिक जिलों के किसान व नर्मदा बचाओ आंदोलन से जुड़े लोग शामिल होंगे। बताया कि जंग का पहला पड़ाव 31 मई को इंदौर में होगा। जहां पर नर्मदा कंट्रोल ऑथरिटी के कर्ताधर्ता बैठे हैं। इसके बाद जंग का दूसरा पड़ाव 2 जून को सीहोर में होगा। इसी दिन नर्मदा और किसानी बचाओ जंग राजधानी के लिए कूच करेगी।

अगले माह भोपाल में करेंगी उपवास
नर्मदा और किसानी बचाओ जंग 4 जून को सुबह भोपाल पहुंचेगी। जिसमें अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के किसान नेता भी शामिल होंगे। इसी दिन जनअदालत का आयोजन विशेष न्यायपीठ के सामने किया जाएगा। जिसमें ६ जून को मंदसौर गोली काण्ड, किसानों पर दर्ज झूठे मुकदमे वापस लेने एक दिन उपवास किया जाएगा।

जंगल साफ , नदियों भी सूख रहीं
इससे पहले मेधा पाटकर उचेहरा पहुंचीं। यहां कटरा में लोहिया वार्ड में हुई सभा के दौरान कहा, यात्रा नर्मदा और किसान बचाओ को लेकर हुई है। आरोप लगाया कि, सरकार कोई भी रही हो उसने किसान, मजदूर, जंगलों तथा नदियों के विषय में बिल्कुल नहीं सोचा। जंगल साफ हुए। परिणाम सामने है। असमय छोटी से लेकर बड़ी नदिया भी सूखने की कगार पर हंै। लेकिन सरकार अपने फायदे के लिए नदियों में बचा पानी भी कंपनियों को बेच रही है।

किसानों के खेत में कैसे आएगा पानी
पाटकर ने कहा कि, यहां की नहर वर्ष 2009 से बन रही है। और अब भी अधूरी है। नहर खराब भी होने लगी है। पूछा, ऐसे में किसानों के खेत में पानी कैसे आएगा। देश का अधिकांश भाग कृषि पर निर्भर है। किसान आत्महत्या पर मजबूर है। कुछ हद तक महाराष्ट्र सरकार ने किसानों के हक में काम किया है। लेकिन मध्य प्रदेश में अन्याय हो रहा है। इसे लेकर गुजरात और मध्य प्रदेश में पैदल मार्च करेंगे। जन जागरुकता फैलाएंगे।

इन्होंने भी रखी बात
कार्यक्रम को व्यापारी संघ अध्यक्ष डॉ. पवन ताम्रकार, विंध्य विकास परिषद के रमेश द्विवेदी, शुभेन्द्र पाण्डेय, अतुल गौतम, किसान यूनियन के ब्लाक अध्यक्ष ठाकुर प्रसाद सिह, मंदाकिनी शर्मा, जयंत वर्मा, राजकुमार सिन्हा ने भी संबोधित किया। मिकाइल खान, मो. शब्बीर, अवधेश उर्मलिया, उपेन्द्र पांडेय, उमेश गौतम, रामकलेश सिंह, दिनेश कुमार पांडेय, प्रदीप कुमार, विवेक सिंह लोधी, आदित्य प्रताप सिंह, अमित तिवार, किशोरी लाल लढिया, रमाकांत गुप्ता, सुनील कचेर, नीरज ताम्रकार मौजूद रहे।


Reference: https://www.patrika.com/satna-news/medha-patkar-gave-a-big-statement-on-the-cm-s-narmada-seva-yatra-1-2762008/

 

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