मप्र में नई रेत खनन नीति को मंजूरी, ऑनलाइन होगी खरीदी

 Last Updated: Mar 16 2018 11:12PM

इंडिपेंडेंट, मेल, भोपाल. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में नई रेत खनन नीति को मंजूरी मिल गई है. प्रदेश में पंचायतों के माध्यम से रेत खनन होगा, जिसकी दर 125 रुपए प्रति घन मीटर होगी. नई रेत नीति के तहत जिस किसी व्यक्ति को रेत चाहिए, उसे ऑनलाइन ही खरीदी करनी होगी. इस हेतु वह किओस्क में राशि जमा करेगा, जिसकी स्लिप उसे पंचायत में दिखानी होगी. नई नीति में यह भी प्रावधान किया गया है कि सड़क पर अब रेत की जांच नहीं होगी. ट्रैक्टर-ट्रॉली को भी छूट रहेगी. नर्मदा नदी में मशीनों से उत्खनन नहीं होगा.

नीति में यह भी प्रावधान किया गया है कि जिन खदानों के ठेके हो चुके हैं और वे नई नीति में प्रस्तावित दर के हिसाब से रेत देने में खुद को समर्थ नहीं पाते हैं वे ठेका सरेंडर कर सकते हैं. सरकार उन्हें राशि वापस लौटा देगी. नई नीति में पर्यावरण अनुमति से लेकर सभी काम कलेक्टर करेंगे. जिस जिले में 20 से ज्यादा रेत खदान होंगी, वहां पर संविदा आधार पर रेत प्रबंधक की नियुक्ति भी की जाएगी. पंचायतें रेत से प्राप्त होने वाली राशि का अलग से लेखा-जोखा रखेंगी.
 
टेक होम राशन की नई व्यवस्था लागू
कैबिनेट ने 6 माह से 3 साल तक के बच्चे, गर्भवती महिलाएं और किशोरी बालिकाओं को दिए जाने वाले टेक होम राशन की नई व्यवस्था लागू करने का भी फैसला किया है. अब पूरक पोषण आहार महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से लिए जाएंगे. इसके पहले एकीकृत व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया है, आगे विकेंद्रीकृत व्यवस्था से पूरक पोषण आहार की व्यवस्था होगी.
 
पंजीयन के लिए दोबारा मौका
बैठक में भावांतर भुगतान योजना को लेकर भी चर्चा हुई. मुख्यमंत्री ने सभी को बताया कि मंडियों में आवक बढ़ी है, किसानों के हित की योजना है. जो किसान योजना में पंजीकरण नहीं करा पाए हैं, वो 15 से 25 नवंबर के मध्य पंजीयन करा सकते हैं. 22 नवंबर को उज्जैन में किसान सम्मेलन होगा, जहां पहले 15 दिन यानी 16 अक्टूबर से 31 अक्टूबर के मध्य जिन पंजीकृत किसानों ने योजना में फसल विक्रय की है उन्हें भावांतर की राशि का भुगतान किया जाएगा. यह राशि तकरीबन 240 करोड़ों रुपए होगी, जो डेढ़ लाख से ज्यादा किसानों के खाते में सीधे हस्तांतरित की जाएगी.
उद्योगों को 40 फीसदी तक की छूट
बैठक में सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम नीति को भी मंजूरी दी गई. इसके तहत अब छोटे उद्यमियों को रजिस्ट्रेशन कराने या अन्य सुविधाओं के लिए एक विभाग से दूसरे विभाग नहीं भटकना पड़ेगा. कुल मिलाकर 40 प्रतिशत तक की छूट उद्यमियों को मिलेगी, जिन उद्यमों में 10 से ज्यादा लोग कार्यरत होंगे, वहां प्रॉविडेंट फंड कटेगा. जनसंपर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कैबिनेट बैठक के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि नए खुले सात मेडिकल कॉलेजों में 880 प्राध्यापक-सहायक प्राध्यापक के रिक्त पदों पर पीएससी के माध्यम से सीधी भर्ती की जाएगी.


Reference: http://www.independentmail.in/news/mpcorridor/new-mining-policy-approve-selling-online/35836.html

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