जल संकट: गुजरात की नर्मदा नदी से और अधिक पानी की मांग पर मध्य प्रदेश की ‘ना’

भोपाल
नर्मदा नदी के पानी को लेकर गुजरात और मध्य प्रदेश राज्य आमने सामने आ गए हैं। गुजरात ने दोनों राज्यों के सूखाग्रस्त इलाके के लिए मध्य प्रदेश से और अधिक पानी के लिए केंद्र सरकार से मदद मांगी है। जबकि दूसरी ओर मध्य प्रदेश ने अपनी बात पर कायम रहते हुए नर्मदा से और अधिक पानी के लिए साफ इनकार कर दिया है।

गुजरात के भरूच क्षेत्र में स्थित नर्मदा नदी के सूख जाने से राज्य सरकार हताश-परेशान है जबकि मध्य प्रदेश भी खतरनाक सूखे की स्थिति का सामना कर रहा है। गुजरात सरकार ने पिछले साल दिसंबर में पर्यावरण एवं वन मंत्रालय को पत्र लिखकर मध्य प्रदेश से और अधिक जल की मांग की थी। इसके बाद इसी साल मार्च में इस मुद्दे को लेकर सरकार ने दोबारा पत्र लिखा।

इसमें गुजरात सरकार ने केंद्र से नर्मदा कंट्रोल अथॉरिटी (एनसीए) से अधिक पानी छोड़ने की मांग की थी। नर्मदा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव एमएस डागुर ने मंत्रालय को लिखी चिट्ठी में कहा था, ‘वर्तमान जल वर्ष के दौरान 30 जून तक या कोई हल निकलने तक एनसीए से पानी की मात्रा बढ़ाकर कम से कम 1500 क्यूसेक करने की गुजारिश की गई है। इससे निश्चित रूप से मदद मिलेगी।’

वहीं मध्य प्रदेश सरकार न सिर्फ अपनी जरूरतों के चलते बल्कि पिछले साल सितंबर में पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा सरदार सरोवर बांध के उद्घाटन के समय गुजरात को पहले पानी देने के लिए उपजे विवाद की वजह से इस बारे में एहतियात बरत रही है।

विधानसभा चुनाव को देखते हुए पानी के लिए किया इनकार 
नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण (एनवीडीए) के सूत्रों के अनुसार, ‘मध्य प्रदेश ने जल वर्ष (जुलाई-जून30) के दौरान 5500 एमसीएम पानी गुजरात को देने का वादा किया था। इस साल जनवरी तक मध्य प्रदेश ने 5000 एमसीएम पानी की भरपाई कर दी है लेकिन गुजरात ने 800 एमसीएम पानी की मांग कर दी।’

उधर मध्य प्रदेश का बड़ा हिस्सा इस समय जल संकट से जूझ रहा है। सूत्रों के मुताबिक इस वजह से आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए शिवराज सरकार ने और अधिक जल की मांग को ‘विनम्रता’ से नकार दिया था।


Reference: https://navbharattimes.indiatimes.com/state/madhya-pradesh/bhopal/indore/as-gujarat-govt-wants-more-water-from-narmada-madhya-pradesh-govt-refuses/articleshow/63695147.cms

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *