‘सुशासन बाबू’ के राज में बिहार गुड गवर्नेंस में सबसे पीछे, केरल नंबर वन: पीएआई रिपोर्ट

गुड गवर्नेंस पर जारी लिस्ट में सबसे पिछड़ा राज्य बना बिहार, केरल सबसे बेहतर
गुड गवर्नेंस के मामले पीएआई की लिस्ट में टॉप 4 में एक भी बीजेपी शासित राज्य नहीं है। इसके उलट सूची में सबसे नीचे के 4 राज्य बीजेपी शासित हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गृह राज्य गुजरात इस सूची में तीसरे स्थान से 5वें पर स्थान पर पहुंच गया है।
पब्लिक अफेअर्स इंडैक्स (पीएआई) ने एक रिपोर्ट जारी की है जिसने बीजेपी शासित राज्यों की सरकार की एक बार फिर कलई खोल कर रख दी है। गुड गवर्नैंस के मामले में देश का कौन सा राज्य कहां पर है, पीएआई की इस रिपोर्ट में पूरी लिस्ट दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक केरल जहां सुशासन के मामले में सबसे ऊपर है वहीं सुशासन बाबू के नाम से मशहूर नतीश कुमार का राज्य बिहार सबसे पीछे है। दिलचस्प बात ये है कि इस लिस्ट में टॉप 4 राज्यों में एक भी बीजेपी शासित राज्य नहीं है, जबकि सबसे नीचे के 4 राज्य ऐसे हैं, जहां या तो बीजेपी की सरकार है या फिर वह सरकार में शामिल है।पीएआई की इस लिस्ट को लेकर बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और विधानसभा में नेता विपक्ष तेजस्वी यादव ने नतीश कुमार पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्वीट कर कहा है कि इस उपलब्धि के लिए अपने आपको सुशासन बाबू कहने वाले नतीश कुमार और उनके इस झूठ का प्रचार करने वाले लोगों को मुबारकबाद। एक दूसरे ट्वीट में उन्होंने ये भी लिखा है कि केरल सरकार को सर्वश्रेष्ठ राज्य बनने के लिए मुबारकबाद और दोगुना मुबारकबाद दो इंजन वाली बीजेपी + जेडीयू सरकार को सबसे घटिया प्रदर्शन के लिए।
In Governance index, Bihar ranks the lowest..Credit goes to self claimed Sushasan babu Nitish Kumar & mouthpieces funded and sponsored by him.https://t.co/xK4HqOa3qJ

— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) July 22, 2018
Congratulations Kerala govt on being the ‘Best’and double congratulations to the double engine BJP +JDU government on being the ‘Worst’https://t.co/AvZy9DrX11

— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) July 23, 2018
पीएआई दरअसल रियासतों को दो हिस्सों में बांटकर इसकी सूची जारी करती है। एक हिस्सा 18 राज्यों के आधार पर तैयार की जाती है, जिनमें देश के बड़े राज्य होते हैं और दूसरा हिस्सा 12 राज्यों पर आधारित होता है, जहां की आबादी 2 करोड़ से कम है। जहां तक छोटे राज्यों का सवाल है, गुड गवर्नेंस के मामले में हिमाचल प्रदेश सबसे ऊपर है और इस के बाद गोवा का नंबर आता है। वहीं, मीज़ोरम, सिक्किम और त्रिपुरा तीसरे, चौथे और पांचवें स्थान पर हैं।
बड़े राज्यों की बात की जाए तो पीएआई की 2017 की रिपोर्ट की तुलना अगर इस साल जारी रिपोर्ट से की जाए तो केरल ने अपना पहला स्थान बरकरार रखा है। लेकिन पीएम मोदी का मॉडल राज्य गुजरात तीसरे स्थान से खिसक कर पांचवें स्थान पर चला गया है। इस साल दूसरे स्थान पर तमिलनाडू और तीसरे स्थान पर तेलंगाना है, जब कि कर्नाटक ने चौथे स्थान पर जगह बनाया है। तमिलनाडू और कर्नाटक पिछले साल भी इसी स्थान पर थे, लेकिन तेलंगाना लंबी छलांग मारते हुए 13वें से तीसरे स्थान पर पहुंच गया है।

पीएआई की लिस्ट में खराब प्रदर्शन करने वाले राज्यों पर नजर डालें तो इसमें बिहार सबसे पीछे नजर आ रहा है। राज्य में सुशासन का ढिंढोरा पीटने वाले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बीजेपी के साथ हाथ मिला कर डबल इंजन के सहारे बिहार में गुड गवर्नेंस लाने की बात कही थी, लेकिन हकीकत कुछ और बयान कर रही है। इस लिस्ट में नीचे से दूसरे नंबर पर झारखंड, तीसरे नंबर पर मध्य प्रदेश और चौथे नंबर पर उतर प्रदेश जैसे बीजेपी शासित राज्य हैं। अगर इन राज्यों की तुलना पिछले साल की लिस्ट से करें तो इसमें झारखंड ने अपनी जगह बरकरार रखी है जबकि मध्य प्रदेश 12वें से 16वें स्थान पर और उतर प्रदेश 14वें से 15वें स्थान पर आ गया है।
पीएआई रिपोर्ट में गुड गवर्नेंस के मामले में मध्य प्रदेश के पिछले साल के मुकाबले और पीछे चले जाने पर विपक्ष ने राज्य की बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने प्रदेश की शिवराज सिंह सरकार को निशाने पर लिया। कमलनाथ ने अपने ट्वीट में लिखा, ये है शिवराज सरकार के सुशासन और विकास के दावों की हक़ीक़त… पब्लिक अफ़ेअर्स इंडैक्स की रिपोर्ट में देश के 18 बड़े राज्यों में सुशासन के मामले में मध्य प्रदेश 16वें नंबर पर…।
ये है शिवराज सरकार के सुशासन व विकास के दावों की हक़ीकत…
पब्लिक अफेयर्स इंडेक्स की रिपोर्ट में देश के बड़े 18 राज्यों में सुशासन के मामले में मध्यप्रदेश 16 वे नम्बर पर…

— Office Of Kamal Nath (@OfficeOfKNath) July 23, 2018


Reference: https://www.navjivanindia.com/india/kerala-best-and-bihar-worst-state-in-good-governance-says-pai-report

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *